CEO Suspended: तखतपुर जनपद पंचायत में बड़ा एक्शन! CEO सत्यव्रत तिवारी निलंबित, सरकारी आदेश की अनदेखी पड़ी भारी

बिलासपुर, 9 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की तखतपुर जनपद पंचायत में राज्य शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। शासकीय आदेश की अवहेलना और घोर अनुशासनहीनता के आरोप में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सत्यव्रत तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
मामला विकास विस्तार अधिकारी के स्थानांतरण के बाद उन्हें निर्धारित समयसीमा में भारमुक्त नहीं किए जाने से जुड़ा है। शासन के निर्देशों का पालन नहीं होने को कार्रवाई का आधार बनाया गया है।
10 दिन में भारमुक्त करने का था निर्देश
मिली जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत तखतपुर में पदस्थ विकास विस्तार अधिकारी गोपी सिंह क्षत्रिय का स्थानांतरण जनपद पंचायत लोरमी, जिला मुंगेली किया गया था। राज्य शासन ने 29 सितंबर 2025 को स्थानांतरण आदेश जारी कर संबंधित अधिकारी को 10 दिनों के भीतर भारमुक्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
हालांकि, निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी गोपी सिंह क्षत्रिय को तखतपुर जनपद पंचायत से भारमुक्त नहीं किया गया। इसी मामले को शासन ने आदेशों की अवहेलना और गंभीर अनुशासनहीनता के रूप में लिया।
शासन के आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई
प्रशासनिक व्यवस्था में स्थानांतरण आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। इस मामले में निर्धारित अवधि के भीतर कार्रवाई नहीं होने के चलते जनपद पंचायत CEO सत्यव्रत तिवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। यह कार्रवाई शासकीय निर्देशों के पालन और प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तखतपुर जनपद पंचायत में प्रशासनिक कार्रवाई से हलचल
CEO के निलंबन के बाद तखतपुर जनपद पंचायत में प्रशासनिक हलचल तेज होने की संभावना है। हालांकि, निलंबन अवधि के दौरान उनके मुख्यालय, विभागीय जांच और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी आधिकारिक आदेश के पूर्ण विवरण से ही स्पष्ट होगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विकास विस्तार अधिकारी के स्थानांतरण आदेश का निर्धारित समय में पालन नहीं होना ही कार्रवाई का प्रमुख आधार है।
